आज पूर्ण सूर्यग्रहण, भारत में रात के समय रहेगा ग्रहण, ऑनलाइन देखें लाइव

Edited by: Web_team Updated: 21 Aug 2017 | 08:54 AM
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न्यूयॉर्क। अमेरिकी महाद्वीप में 99 साल के बाद पूरे देश में पूर्ण सूर्यग्रहण दिखाई देगा। यह साल का पहला सूर्यग्रहण होगा। यह दृश्य बेहद अद्भुत होगा और अमेरिका से तिरछा होकर जाएगा। नासा और अमेरिकी वासियों में इसे देखने की काफी उत्सुकता है। इससे पहले इस तरह का सूर्यग्रहण अमेरिका में वर्ष 1918 में दिखाई दिया था।

इस साल का पहला सूर्यग्रहण 26 फरवरी को पड़ा था। इससे दो सप्ताह पहले साल का पहला चंद्रग्रहण था। रक्षाबंधन के दिन खंडग्रास चंद्रग्रहण था। साल 2018 में तीन आंशिक सूर्यग्रहण और दो पूर्ण चंद्रग्रहण होंगे।

बता दें कि सूर्य और पृथ्वी के बीच जब चंद्रमा आ जाता है, तब सूर्यग्रहण होता है। सूर्यग्रहण की अवधि करीब 5 घंटे 18 मिनट होगी, जबकि पूर्ण सूर्यग्रहण की अवधि 3 घंटे और 13 मिनट तक रहेगी।

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भारत में यह ग्रहण नहीं पडेगा क्योंकि भारतीय समय के अनुसार, 21 अगस्त को ग्रहण रात में 9.15 बजे शुरू होगा और रात 2.34 बजे खत्म होगा। इस समय भारत में रात होती है। इसलिए यहां सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा। हालांकि, भारत में इसे नासा की वेबसाइट के जरिए देखा जा सकेगा। नासा सूर्य ग्रहण का लाइव प्रसारण करेगा।

यह सूर्य ग्रहण प्रशांत महासागर, उत्तरी-दक्षिणी अमेरिका के कुछ हिस्से, यूरोप के पश्चिमी-उत्तरी हिस्से, पूर्वी एशिया, उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका आदि क्षेत्रों में दिखाई देगा। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी-नासा सूर्यग्रहण को 12 जगहों से डब्ल्यूबी 57-एस द्वारा कवर करेंगी। इसके लिए 50 हजार फीट की ऊंचाई पर इसे विमान से कैमरों में कैद किया जाएगा।

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इसके लिए 10 से ज्यादा स्पेसक्राफ्ट, 3 एयरक्राफ्ट और 50 से ज्यादा एयर बैलून लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि ग्रहण के दौरान आसमान में धरती की तुलना में 20 से 30 गुना कम रोशनी होगी।

सौर धब्बों के कारण ही सूर्य दहकता हुआ नजर आता है। न्यूजर्सी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर डेल गेरी ने बताया कि सूर्य के कोरोना से निकलने वाली रेडियो तरंगों का तरंगदैर्ध्य लंबा होता है। रेजोल्यूशन मुख्यतः तरंगदैर्ध्य पर ही निर्भर होता है, इसलिए सूर्य की तस्वीरें खींचने पर कम रेजोल्यूशन वाली तस्वीरें मिलती हैं।