नए अवसरों के लिए प्रौद्योगिकी की ताकत का उपयोग जरूरी: मोदी

Author: Hindi Khabar
Updated On : 2016-11-07 13:09:13
नए अवसरों के लिए प्रौद्योगिकी की ताकत का उपयोग जरूरी: मोदी

नई दिल्ली। ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा ने राजधानी में आयोजित इंडिया यूके टेक समिट में भारत और ब्रिटेन के बीच रिश्ते को खास बताते हुए कहा है कि दोनों देशों के बीच बहुत संभवानाएं हैं इसलिए हमारा संबंध बहुत ही विशेष है।  भारत के तीन दिवसीय दौरे पर आई ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा रविवार रात दिल्ली पहुंचीं। 

वहीं, इंडिया यूके टेक समिट में दिए संबोधन में पीएम मोदी ने थेरेसा की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत के लिए यह गर्व की बात है कि यूरोप से बाहर उन्होंने अपनी पहली यात्रा के लिए भारत को चुना। मोदी ने उम्मीद जताई कि मेक इन इंडिया भारत-यूके संबंधों को करीब लाने में सहायक होगा।

भारत-ब्रिटेन प्रौद्योगिकी सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने अपनी सरकार की स्मार्ट सिटीज, स्टार्ट अप्स और डिजिटल अर्थव्यवस्था पहलों को रेखांकित करते हुए ब्रिटेन के साथ संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया। मोदी ने कहा कि हम साथ मिलकर अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के जरिए नई वाणिज्यिक प्रणालियों के लिए गतिशील और ऊर्जावान वातावरण का सृजन कर सकते हैं।

इससे पहले, थेरेसा ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच बहुत संभवानाएं हैं, हमारा संबंध बहुत ही विशेष है। उन्होंने कहा कि भारतीयों के लिए ब्रिटेन की यात्रा करना अब आसान होगा, नियमित तौर पर ब्रिटेन आने वाले भारतीयों के लिए एक पंजीकृत यात्रा योजना है।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत के व्यापक ज्ञान आधार और ब्रिटेन की आधुनिक वैज्ञानिक जांच से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को एक समग्र रख प्रदान किया जा सकता है। इससे आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों पर काबू पाया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि पिछले पांच साल से हालांकि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय निवेश का आकार लगभग समान रहा है, लेकिन दोनों दिशाओं से निवेश मजबूत रहा है।

मोदी ने कहा कि ब्रिटेन में भारत तीसरा सबसे बड़ा निवेशक है, जबकि भारत में ब्रिटेन सबसे बड़ा जी20 निवेशक है। दोनों देश एक-दूसरे के यहां बड़ी संख्या में रोजगार को समर्थन देते हैं। उन्होंने कहा कि ‘स्मार्ट सिटी’ मिशन का मकसद तेजी से बढ़ते शहरीकरण के माहौल में डिजिटल प्रौद्योगिकी का एकीकरण करना है। ब्रिटेन पहले से पुणे, अमरावती तथा इंदौर की परियोजनाओं में काफी रुचि दिखा रहा है।

उन्होंने कहा कि ‘स्टार्ट अप इंडिया’ कार्यक्रम का लक्ष्य प्रौद्योगिकी क्षेत्र में दक्ष युवाओं की उद्यमशीलता के लिए नवोन्मेषण व प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करना है। बकौल प्रधानमंत्री, 'निवेशकों और नवोन्मेषकों के रोमांचक पारिस्थितिकी तंत्र के साथ भारत और ब्रिटेन दुनिया में शीर्ष स्टार्ट अप हब में शुमार हो चुके हैं।'

मोदी ने कहा, 'मेरा मानना है कि भारत और ब्रिटेन को लगातार उच्च गुणवत्ता वाले बुनियादी अनुसंधान के पारिस्थितिकी तंत्र का समर्थन करना चाहिए जिससे संयुक्त रूप से प्रौद्योगिकी विकास का रास्ता खुल सके और वैश्विक चुनौतियों से निपटा जा सके।'


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