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वेंकैया नायडू का राज्यसभा में हुआ स्वागत, सभाला सभापति का पद

Edited By: Shiwani Singh
Updated On : 2017-08-11 11:26:19
वेंकैया नायडू का राज्यसभा में हुआ स्वागत, सभाला सभापति का पद
वेंकैया नायडू का राज्यसभा में हुआ स्वागत, सभाला सभापति का पद

नई दिल्ली। देश के 13 वें राष्ट्रपति बनने के बाद वेंकैया नायडू का राज्यसभा में नए सभापति के रुप में स्वागत किया गया। नए सभापति का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आजाद भारत में जन्में पहले राष्ट्रपति बने हैं वेंकैया नायडू। पीएम ने कहा कि वेंकैया नायडू ने हमेशा से ही कार्यक्षेत्र का विस्तार किया है, जिसका नतीजा है की आज देश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी कई योजानाएं सफलता से चल रही है। बता दें कि वेंकैया नायडू भारत के 13 वें राष्ट्रपति होने के साथ राज्यसभा के नए सभापति भी हैं।

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वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वेंकैया ऐसे पहले उपराष्ट्रपति बने हैं, जो इतने वर्षों तक इन्हीं लोगों के बीच पले-बढ़े। देश को पहले ऐसे उपराष्ट्रपति मिले, जो सदन की बारीकियों से वाकिफ हैं। वह प्रक्रिया से निकले पहले उपराष्ट्रपति हैं। उन्होंने कहा कि नायडू किसान के बेटे हैं और गांव को भलीभांति जानते हैं। वह जेपी आंदोलन से भी जुड़े रहे।

कांग्रेस नेता गुलाब नबी आजाद ने भी नायडू को पदभार संभालने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि अमीरों ने भी देश की आजाादी के लिए कुर्बानी दी। राज्यसभा में धन्यवाद अभिभाषण के बाद नायडू उपराष्ट्रपति के रूप में अपना पहला भाषण देंगे।

बता दे कि वेंकैया नायडू का जन्म 1 जुलाई, 1949 को आंध्रप्रदेश के नेल्लोर जिले में हुआ।नेल्लोर से स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद वहीं से राजनीति में स्नातक किया। विशाखापट्टनम के लॉ कॉलेज से अंतरराष्ट्रीय कानून में डिग्री ली। कॉलेज के दौरान ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ गए। नायडू पहली बार 1972 में जय आंध्रा आंदोलन से सुर्खियों में आए।

1975 में इमरजेंसी में जेल भी गए थे। -1977 से 1980 तक यूथ विंग के अध्यक्ष रहे। महज 29 साल की उम्र में 1978 में पहली बार विधायक बने। 1983 में भी विधानसभा पहुंचे और धीरे-धीरे राज्य में भाजपा के सबसे बड़े नेता बनकर उभरे। बीजेपी के विभिन्न पदों पर रहने के बाद नायडू पहली बार कर्नाटक से राज्यसभा के लिए 1998 में चुने गए। इसके बाद से ही 2004, 2010 और 2016 में वह राज्यसभा के सांसद बने।

 


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