जियो को भारी पड़ेगा वोडाफोन और आइडिया का साथ

Edited by: Editor Updated: 11 Feb 2017 | 05:36 PM
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नई दिल्ली। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो ओवरऑल नेटवर्क कैपिसिटी के मामले में देश में टॉप पर है। क्रेडिट स्विस की रिपोर्ट के मुताबिक यदि वोडाफोन और आइडिया मिलकर एक हो जाते हैं तो दोनों कंपनियों का नेटवर्क कैपिसिटी शेयर एक होकर 35 पर्सेंट हो जाएगा, जबकि रिलायंस जियो का नेटवर्क शेयर 31 पर्सेंट है।

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भारत के सबसे रईस शख्स मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो से मजबूती के साथ मुकाबले के लिए वोडाफोन इंडिया और आइडिया में विलय को लेकर बातचीत चल रही है। क्रेडिट स्विस के मुताबिक विलय से बनने वाली कंपनी के पास 26 पर्सेंट स्पेक्ट्रम मार्केट शेयर होगा।

इस मामले में यह कंपनी एयरटेल को पछाड़कर पहले नंबर पर पहुंच जाएगी। फिलहाल भारती एयरटेल 21 पर्सेंट स्पेक्ट्रम के साथ पहले स्थान पर है और रिलायंस जियो 17 पर्सेंट शेयर के दूसरे नंबर पर है।

भारत के सबसे रईस शख्स मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो से मजबूती के साथ मुकाबले के लिए वोडाफोन इंडिया और आइडिया में विलय को लेकर बातचीत चल रही है।

क्रेडिट स्विस के मुताबिक विलय से बनने वाली कंपनी के पास 26 पर्सेंट स्पेक्ट्रम मार्केट शेयर होगा। इस मामले में यह कंपनी एयरटेल को पछाड़कर पहले नंबर पर पहुंच जाएगी। फिलहाल भारती एयरटेल 21 पर्सेंट स्पेक्ट्रम के साथ पहले स्थान पर है और रिलायंस जियो 17 पर्सेंट शेयर के दूसरे नंबर पर है।

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ब्रोकरेज फर्म ने अपने एक नोट में लिखा कि निजी तौर पर वोडाफोन और आइडिया 3जी और 4जी स्पेक्ट्रम की क्षमताओं में पीछे हैं, लेकिन दोनों मिलकर जियो और एयरटेल को कड़ी टक्कर देने की स्थिति में आ जाएंगे। हालांकि क्रेडिट स्विस ने यह भी दावा किया कि रिलायंस जियो डेटा नेटवर्क के कैपिसिटी शेयर के मामले में पहले नंबर पर ही रहेगा। इसकी वजह उसके पास बड़े पैमाने पर डेटा स्पेक्ट्रम होना है।