जब अमिताभ की इस गलती से बदल गई स्कूल की तस्वीर!

Edited by: PoojaDevi Updated: 12 Oct 2017 | 03:44 PM
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मुंबई। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन पर उन्हीं की फिल्म का डायलॉग कि 'हम जहां खड़े हो जाते हैं, लाइन वहीं से लगनी शुरू होती है', बिल्कुल सटीक बैठता है। दरअसल, उनकी जिंदगी से जुड़े कई ऐसे अनसुने किससे हैं, जो उनकी महानता प्रदर्शित करते हैं।

बता दे कि अमिताभ ने अपनी स्कूली पढ़ाई नैनीताल के शेरवुड कॉलेज से की है। अमिताभ अपने स्कूली दिनों में तैराकी के बहुत शौकीन हुआ करते थे, लेकिन स्कूल में स्वीमिंग पूल नहीं था। इसलिए उन्होंने स्कूल के 100 बच्चों के साथ स्कूल बंक कर दिया। इसके लिए उन्हें स्कूल के प्रिंसीपल से डांट भी खानी पड़ी और दण्ड के रूप में सभी बच्चों को 4-4 डंडे भी पड़े थे।

उस वाक्ये के बाद स्कूल प्रशासन का ध्यान स्कूल में तैराकी को शुरू करने पर गया और स्कूल प्रशासन ने स्कूल में स्वीमिंग पूल बनाने के बारे में विचार बनाया। जब स्कूल में स्वीमिंग पूल बनने का काम शुरू हुआ तो अमिताभ ने भी उसमें श्रमदान किया था।

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75 वर्ष के हो चुके अमिताभ बच्चन के बारे में शेरवुड कॉलेज के प्रधानाचार्य अमनदीप संधू कहते हैं कि अमिताभ में अभिनय के गुण स्कूल के दिनों से ही झलकते थे। बड़े से बड़ा और कठिन से कठिन रोल भी अमिताभ बड़ी सहजता के साथ कर जाते थे।

शेरवुड कॉलेज के छात्र होने के कारण कॉलेज में अमिताभ बच्चन का जन्मदिन बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर केक काटा गया और स्कूल के छात्रों ने उनके जीवन पर खुद से लिखी हुई कविता सुनाई। इस अवसर पर प्रधानाचार्य अमनदीप संधू ने कहा कि अमिताभ का 75वां जन्मदिवस मनाना गर्व महसूस करना है। इस अवसर पर जूनियर की प्रधानाचार्य अराधना संधू, हेम पांडे, बासू साह, पंकज चौधरी समेत शिक्षक- विद्यार्थी मौजूद थे।