जब वडनगर में स्टेशन ही नहीं था, तो PM मोदी ने चाय कहां बेची ?

Edited by: Ankur_maurya Updated: 17 Oct 2017 | 08:56 PM
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नई दिल्ली। 'सोशल मीडिया' एक ऐसा क्षेत्र है जहां इन दिनों कई ऐसे पोस्ट और तस्वीरें धड़ले से शेयर होती है जिनके बारें में लोग बिना जाने-समझे अपनी राय बना लेते हैं और उसके आगे शेयर कर देते हैं। ऐसा ही कुछ इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक पोस्ट वायरल हो रहा है जिसमें पूछा जा रहा है कि वडनगर में स्टेशन ही नहीं था, तो मोदी ने चाय कहां बेची ?

दरअसल, इस फोटो में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और पीएम मोदी है जिसमें ओबामा मोदी से पूछ रहे हैं कि अगर तुम्हारा जन्म 1950 में हआ था और वॉडनगर में 1973 में ट्रेन चली तो तब तुम 23 साल के थे और 20 की उम्र में तुमने घर छोड़ दिया तो चाय कब बेचते थे?, तो सीधा-सीधा बस सवाल किया जा रहा है, लेकिन जब हमने इसकी पड़ताल की गई तो सचाई कुछ और निकली है।

हमने पश्चिमी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर 'भारतीय रेलवे का इतिहास' से एक PDF फाइल मिला जिसमें यह पुष्टि हुई है कि मेहसाणा और वडनगर के बीच एक पंक्ति मौजूद थी और ये रेखा 21 मार्च, 1887 को खोला गया था। नीचे PDF का एक स्क्रीनशॉट है:-

भारतीय रेलवे के इतिहास के बारे में चर्चा करते हुए एक अन्य दस्तावेज भी 1887 तक वाडनगर रेलवे लाइन के अस्तित्व का उल्लेख करते हैं। ये रेलवे लाइनें बड़ौदा राज्य द्वारा गायकवाड़ ('गायकवाड़' के रूप में भी लिखी गईं) के शासन के तहत बनाई गईं। यानी अंग्रेजों के जमानें से ही यहां रेलवे लाइन थी। हां यहां रेलवे स्टेशन तो 1973 में बना, लेकिन इससे पहले यहां हॉल्ट था जो रेलवे स्टेशन का एक छोटा भाई सा होता है।

- अंकुर मौर्या, वेब डेस्क