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अगर चीन से हुआ युद्ध तो कौन से देश देंगे भारत का साथ !

Edited By: Ankur Maurya
Updated On : 2017-08-18 16:15:59
अगर चीन से हुआ युद्ध तो कौन से देश देंगे भारत का साथ ! via
अगर चीन से हुआ युद्ध तो कौन से देश देंगे भारत का साथ !

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच डोकलाम को लेकर पिछले कुछ महीनों से शीतयुद्ध चल रहा है। अब यह शीतयुद्ध धीरे-धीरे बड़े युद्ध का रुप ले सकता है। डोकलाम पर दोनो देशों की सेनाएं तैनात है और चीन बार-बार युद्ध की धमकी दे रहा है तो वहीं, भारत ने भी कड़ा रुख अपना रख है। अब सबके मन में सवाल ये है कि अगर युद्ध होता है तो भारत का साथ देने कौन-कौन से देश सामने आ सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और लगातार दौरों का फायदा भारत को युद्ध के समय मिल सकता है। ऐसे में भारत के साथ अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, वियतनाम और कुछ यूरोपीय देश भी साथ में आस सकते हैं:-

1. अमेरिका 

अमेरिका मौजूदा समय में भारत का सबसे ताकतवर दोस्त है। अमेरिका लगातार डोकलाम मामले पर नजर बनाए हुए है। US की ओर से बयान भी आ चुका है कि भारत हमारा अच्छा दोस्त है, चीन और भारत को इस मुद्दे को बातचीत से सुलझाना चाहिए। इससे पहले पूर्व अमेरिकी राजदूत रिचर्ड वर्मा और अमेरिका के इलिनोइ से सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने डोकलाम विवाद के लिए चीन को जिम्मेदार बता चुके हैं।

2. जापान 

पीएम मोदी और जापानी पीएम शिंजो अबे की दोस्ती का असर यहां पर भी दिखा है। बता दें कि जापान ने खुले तौर पर भारत का साथ दिया है। जापान के राजदूत केंजी हीरामत्सू ने कहा है कि डोकलाम को लेकर पिछले करीब दो महीनों से तनातनी जारी है। हमारा मानना है कि इससे पूरे क्षेत्र की स्थिरता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में हम इस पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा जहां तक भारत की भूमिका की बात है, तो हम मानते हैं कि वह भूटान के साथ अपने द्विपक्षीय समझौते के आधार पर ही इस मामले में दखल दे रहा है।

3. ऑस्ट्रेलिया 

ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री जूली बिशप हाल ही में भारत दौरे पर आईं थी। उन्होंने यहां पर साफ तौर पर कहा था कि चीन को डोकलाम विवाद पर संयम बरतना चाहिए और भारत से बात करनी चाहिए। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया दक्षिणी चीन सागर को लेकर चीन की दादागिरी को लेकर भी चेतावनी जारी कर चुका है। इस मुद्दे पर ऑस्ट्रेलिया ने चीन की सैन्य महत्वकांशाओं का विरोध किया था।

4. वियतनाम 

पीएम मोदी ने 2016 में वियतनाम की यात्रा की थी, तभी से दोनों देशों के बीच में संबंधों में मजबूती आई है। दक्षिणी चीन सागर में विवाद को लेकर वियतनाम की चीन से हमेशा ही ठनी रही है। इसके अलावा भारत ने उसकी लगातार मदद की है। भारत वियतनाम को आकाश मिसाइल देने पर भी विचार कर रहा है। वहीं, सुखोई 30 एमकेआई लड़ाकू विमानों भी प्रशिक्षण देगा।

5. यूरोपीय देश 

यूरोप के कुछ ताकतवर देश जैसे फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन भी चीन के मुद्दे पर भारत के साथ आ सकते हैं। भारत के इन सभी देशों से रिश्ते काफी अच्छे रहे हैं। वहीं, कई मुद्दों पर इन देशों ने भारत का साथ दिया है। सयुंक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इन सभी देशों ने भारत का स्थाई सीट के लिए साथ दिया है, लेकिन चीन हमेशा भारत के खिलाफ रहा है।


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