यशवंत बोले, शल्य नहीं भीष्म हूं मैं, BJP ने कहा- कौरवों के साथ यशवंत

Edited by: Shivani Updated: 06 Oct 2017 | 11:00 AM
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नई दिल्ली। नोटबंदी और जीएसटी के कारण डगमगाती अर्थव्यवस्था के चलते विपक्ष और बीजेपी के बागी नेता सरकार पर जमकर निशाना साध रहे हैं। इसके चलते एक कार्यक्रम में भाग लेने के दौरान ऐसे लोगों को खुद पीएम मोदी ने करारा जवाब देते हुए उन्हें शल्य करार दिया था। अब यशवंत सिंहा ने मोदी के शल्य वाले बयान का जवाब देते हुए कहा कि वह शल्य नहीं बल्कि भीष्म है, जिन्हें लगातार अर्थव्यवस्था की चिंता सता रही है।

यशवंत के इस बयान पर बीजेपी के प्रवक्ता अनिल बलूनी का कहना है कि वह भीष्म नहीं बल्कि कौरवों की तरह है, जोकि 'भ्रष्ट और गरीब विरोधी' कांग्रेस के साथ मिले हुए है। यशवंत पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रम में उनका मौजूद रहना इस बात को साफ करता है कि उन्हें कहां से ज्ञान मिल रहा है।

बता दें कि यशवंत सिंहा ने कांग्रेस नेता मनीष तिवारी की किताब के विमोचन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि आजकल महाभारत में शल्य के चरित्र की चर्चा है। उन्होंने कहा कि महाभारत में और भी चरित्र हैं, 100 कौरव थे, लेकिन हर कोई सिर्फ दो को जानता है दुर्योधन और दुशासन। उन्होंने कहा कि उन्हें इससे ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं है।

बता दें कि पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिंहा ने एक लेख द्वारा नोटबंदी-जीएसटी को लेकर अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान को लेकर अपनी ही पार्टी की पोलपट्टी खोलकर रख दी थी। उन्होंने अपने लेख में कई बातों का खुलासा किया। इसके साथ ही विपक्ष ने भी अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा था।

चौतरफा हो रही आलोचना के बाद खुद पीएम मोदी ने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा था कि कुछ लोग शल्य प्रवत्ति के होते हैं, जिन्हें निराशा फैलाने की आदत होती है। उन्होंने सरकार के आलोचकों को जवाब देते हुए कहा था कि निराशा फैलाए बिना ऐसे लोगों को नींद नहीं आती। पीएम के इसी बयान का जवाब देते हुए सिंहा ने खुद को भीष्म बताया।