नोटबंदी के खिलाफ 'भारत बंद' को नहीं मिला व्यापारियों का साथ

Author: Hindi Khabar
Updated On : 2016-11-27 16:09:33
नोटबंदी के खिलाफ 'भारत बंद' को नहीं मिला व्यापारियों का साथ

नई दिल्ली। नोटबंदी के खिलाफ राजनीतिक मुद्दा बनाने की विपक्षी दलों की कोशिशों को व्यापारियों का समर्थन नहीं मिला है। बाजारों के एसोसिएशनों ने साफ किया है कि वह 28 नवंबर को बाजारों को बंद नहीं रखेंगे।

हिसार स्थित एशिया की सबसे बड़ी ऑटो मार्केट के व्यापारियों और मिस्त्रियों ने 'भारत बंद' में शामिल नहीं होने की घोषणा की है। यहां की बाबा विश्वकर्मा सभा ऑटो मार्केट असोसिएशन के प्रधान प्रताप सिंह जांगडा ने यह जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने देश में भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए नोटबंदी करके एक साहसिक कदम उठाया है।

ऑटो मार्केट के व्यापारी और मिस्त्री पूरी तरह से कालेधन के खात्मे के लिए नोटबंदी के चलते होने वाली हर परेशानी सहने को तैयार हैं। दुकानदार असोसिएशन के महासचिव सचिन राजपाल ने कहा है कि 28 नवंबर को ऑटो मार्केट में सभी दुकानें पूरी तरह से खुली रहेंगी और बंद कराने वालों का विरोध किया जाएगा।

व्यापारियों के इस रुख के बाद आम आदमी पार्टी के ट्रेड विंग ने भी आह्वान पर तटस्थ रुख अपना लिया है। विंग के संयोजक बृजेश गोयल के मुताबिक ट्रेड विंग ने यह फैसला दिल्ली के व्यापारियों पर ही छोड़ा है कि वह क्या रुख अपनाते हैं? दरअसल नोटबंदी के खिलाफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष ममता बनर्जी समेत विपक्ष ने भारत बंद का आह्वान किया हुआ है।

इस बीच, भाजपा की ओर से बाजार बंद को लेकर दिल्ली के व्यापारियों का रुख जानने की कोशिशों के तहत बैठकों का दौर भी शुरु हो गया है। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव आरपी सिंह ने सदर बाजार के व्यापारियों के साथ बैठक की।

इस बैठक में व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में प्रधानमंत्री के फैसले के साथ हैं। फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश यादव ने कहा कि 28 नवंबर को सदर बाजार की सभी दुकानें खुली रहेंगी।


राष्ट्रीय पर शीर्ष समाचार