सामाजिक कामों में खर्च होगी परवीन बाबी की संपत्ति

Edited by: Editor Updated: 23 Oct 2016 | 11:52 AM
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मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री परवीन बाबी की मौत हुए एक दशक बीत गए हैं। परवीन की मृत्यु के इतने दिनों बाद बंबई उच्च न्यायालय ने उनकी वसीयत के असली होने का प्रमाण पत्र जारी किया है। बंबई हाई कोर्ट के द्वारा जारी प्रमाण पत्र से परवीन बाबी की इच्छा के अनुसार उनकी संपत्ति का ज्यादातर हिस्सा सामाजिक उद्देश्यों के लिए उपयोग करने का रास्ता साफ कर दिया है।

14 अक्टूबर को न्यायमूर्ति गौतम पटेल ने बाबी की वसीयत के असली होने का प्रमाणपत्र जारी किया जब उनके रिश्तेदारों ने कहा कि वह मामले पर अब और अनुसरण नहीं करना चाहते हैं। बॉबी के रिश्तेदार वसीयत की प्रामाणिकता को चुनौती दे रहे थे।

न्यायमूर्ति पटेल ने कहा कि सारे विवाद इस प्रकार हल समझे जाएं और उच्च न्यायालय रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वे पत्र जारी करें और 23 दिसंबर 2016 तक बाबी के चाचा मुराद खान को बाबी की वसीयत का प्रबंधन करने दें।

बाबी ने ‘अमर अकबर एंथनी’, ‘दीवार’ और ‘शान’ जैसी हिट फिल्मों में काम किया। जनवरी 2005 में जुहू स्थित उनके अपार्टमेंट में उनकी मृत्यु हो गई थी। उनकी मृत्यु के तुरंत बाद मुराद खान ने दावा किया कि बाबी ने उन्हें उनकी संपत्ति का प्रभारी बनाया था जिसमें उनका जुहू स्थित अपार्टमेंट, जूनागढ़ में एक मकान, जेवर और बैंक में जमा राशि शामिल थी।