मंगलवार को है भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व 'भाई दूज'

Edited by: Editor Updated: 31 Oct 2016 | 01:05 PM
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नई दिल्ली। मंगलवार को भाई-बहन के प्रेम का त्योहार भाई दूज पूरे देश में हर्षोल्लास से मनाया जाने वाला है। भाई दूज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि को दीपावली के बाद पूरे देश में आदिकाल से मनाया जाता है।

भाई दूज के दिन सभी बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी आयु की कामना करती है। इस दिन सर्वप्रथम बहन आसन पर चावल के घोल से चौक बनाएं। इस चौक पर भाई को बिठाकर बहनें उनके हाथों की पूजा करती हैं।

सबसे पहले बहन अपने भाई के हाथों पर चावलों का घोल लगाती है। उसके ऊपर सिंदूर लगाकर फूल, पान, सुपारी व मुद्रा रख कर धीरे-धीरे हाथों पर पानी छोड़ते हुए मंत्र बोलती है 'गंगा पूजा यमुना को, यमी पूजे यमराज को। सुभद्रा पूजे कृष्ण को गंगा यमुना नीर बहे मेरे भाई आप बढ़ें फूले फलें।'

इसके उपरांत बहन भाई के मस्तक पर तिलक लगाकर कलावा बांधती है और मुंह मीठा करवाती है। घर पर भाई सभी प्रकार से प्रसन्नचित्त जीवन व्यतीत करे, ऐसे मंगल कामना करती है।

उसकी लम्बी उम्र की प्रार्थना करती है। उसके उपरांत यमराज के नाम का चौमुखा दीपक जला कर घर की दहलीज के बाहर रखती है जिससे उसके घर में किसी प्रकार का विघ्न-बाधाएं न आएं और वह सुखमय जीवन व्यतीत करे।

भाई दूज टीका मुहूर्त- 13:11 से 15:21
अवधि- 2 घण्टे 9 मिनट
द्वितीय तिथि प्रारम्भ- 1 नवम्बर 2016 को 01:39 बजे
द्वितीय तिथि समाप्त- 2 नवम्बर 2016 को 04:11 बजे