अब बछड़े नहीं बछिया ही लेंगी जन्म

Edited by: Editor Updated: 08 Oct 2016 | 07:15 PM
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पीपराकोठी। केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय ने पशु वैज्ञानिकों को ऐसी तकनीक विकसित करने के काम में जुटा रखा है जिससे सिर्फ बछिया ही जन्म ले, बछड़े नहीं। यह सुन कर आपको भी अजीब लग रहा होगा पर अगर यह प्रयोग सफल हुआ तो यह मुमकिन है। हरियाणा के करनाल में स्थित नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीटयूट में वैज्ञानिकों की एक टीम ऐसी देशी तकनीक ईजाद करने के अंतिम दौर में है जिससे सिर्फ बछिया ही पैदा होगी। इससे न सिर्फ देश में दूध उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि आर्थिक रूप से बोझिल बन चुके बैल और सांडों को मारने की समस्या से बचा जा सके।

वैज्ञानिकों की टीम के मुख्य वैज्ञानिक डा. टीके मोहन्ती पीपराकोठी डेयरी केंद्र के दौरे के क्रम में ये बात बताई है। उन्होंने बताया कि इसे सेक्स सीमेन तकनीक कहा जाता है। इसके तहत गाय के अंदर सांड का वीर्य निषेचित करने से पहले सांड के वीर्य से वाई क्रोमोजोम को पूरी तरह से अलग कर दिया जाता है। जिस वजह से सिर्फ बछियो का ही जन्म होगा, बछड़ा पैदा नहीं होंगे। किसी भी नर का जन्म तभी होता है जब एक्स और वाई क्रोमोसोम एक साथ मिलते हैं।

आपको बता दें शोध में 28 वैज्ञानिकों की टीम लगी हुई है। इस परियोजना की समय सीमा वर्ष 2017 निर्धारित की गई है। भारतीय वैज्ञानिक ऐसी देशी तकनीक की ईज़ाद में जुटे हुए हैं, जिसमें अपने देशी तरीके से सांड के वीर्य से सभी वाई क्रोमोसोम को अलग किया जा सके। शोध के बारे में बताया जा रहा है कि यह बेहद खर्चीला है। इस पर लगभग 55 करोड़ रुपये खर्च हो सकता है।