जन्मदिन विशेष : अब्दुल कलाम, जिस शख्स ने भारत को दिया नया मुकाम

Author: Hindi Khabar
Updated On : 2016-10-15 11:37:42
जन्मदिन विशेष : अब्दुल कलाम, जिस शख्स ने भारत को दिया नया मुकाम

नोएडा। भारत के मिसाइल मैन कहे जाने वाले पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की आज जयंती है। भारत में मिसाइल मैन के नाम से प्रख्यात अब्दुल कलाम को शिक्षक की भूमिका बेहद पसंद थी। उनकी पूरी जिंदगी शिक्षा को समर्पित रही।

वैज्ञानिक कलाम साहित्य में रुचि रखते थे, कविताएं लिखते थे, वीणा बजाते थे और अध्यात्म से भी गहराई से जुड़े थे। कलाम का जन्म 15 अक्टूबर, 1931 को हुआ था। ये बात बहुत ही कम लोगों को पता होगी कि कलाम के पिता अपनी नावों को मछुआरों को किराए पर देकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे।

पढ़ाई खर्च को पूरा करने के लिए कलाम घर-घर अखबार बांटने जाते थे। कलाम एक साधारण परिवार से होने के बावजूद अपनी मेहनत और समर्पण के बल पर बड़े से बड़े सपनों को साकार करने का एक जीता-जागता उदाहरण है। आपका आदर्शमय जीवन हम सभी के लिए हमेशा प्रेरणास्पद रहा है और आने वाली पीढ़ी के लिए भी प्रेरणास्पद ही रहेगा।

कलाम जानते थे कि किसी व्यक्ति या राष्ट्र के समर्थ भविष्य के निर्माण में शिक्षा की क्या भूमिका हो सकती है। उन्होंने हमेशा देश को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने की बात कही, उनके पास भविष्य का एक स्पष्ट खाका था, जिसे उन्होंने अपनी पुस्तक 'इंडिया 2020: ए विजन फॉर द न्यू मिलिनियम' में प्रस्तुत किया।

वह भारत को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में दुनिया का सिरमौर राष्ट्र बनना देखना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने अपने जीवन में उनके उपलब्धियों को भारत के नाम कर दिया।

27 जुलाई, 2015 को डॉ. कलाम जीवन की अंतिम सांसें लेने से ठीक पहले एक कार्यक्रम में छात्रों से बातें कर रहे थे, वह शायद इसी तरह संसार से विदा होना चाहते होंगे। उनका हमेशा से ही यही मानना था कि बच्चे देश का भविष्य हैं, इसलिए उन्हें अच्छी शिक्षा देना अनिवार्य है। शिक्षा अच्छी होगी तो देश का भविष्य भी मजबूत होगा।


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