पहली बार शहीद हुए 2 गरुड़ कमांडो, चंडीगढ़ में दी गई श्रद्धांजलि

Edited by: Shiwani_Singh Updated: 12 Oct 2017 | 06:26 PM
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नई दिल्ली। उत्तरी कश्मीर के बांदीपुरा इलाके में बुधवार को हुई मुठभेड़ में वायुसेना के दो गरुड़ कमांडो के शहीद होने की ख़बर है। बता दें कि ऐसा पहली बार है कि कश्मीर में गरुड़ कमांडो को आतंकी मुठभेड़ में अपनी जान गंवानी पड़ी हो।

गरुड़ कमांडो को चंडीगढ़ में श्रद्धांजलि दी गई। वहीं, शहीद सार्जंट मिलिंद किशोर और कॉरपोरल नीलेश कुमार को श्रद्धांजलि देते समय हर किसी की आंखें भर आईं। बता दें कि वायुसेना के कमांडो दस्ते के गरुड़ के कई सदस्य इस समय कश्मीर में थलसेना की विभिन्न टुकड़ियों के साथ आतंकरोधी अभियानों के संचालन का प्रशिक्षण ले रहे हैं।

किसे कहते हैं गरुड कमांडोज
आपको बता दें कि गरुड़ कमांडोज की ट्रेनिंग नेवी के मार्कोस और आर्मी के पैरा कमांडोज की तर्ज पर ही होती है। इन्हें एयरबॉर्न ऑपरेशंस, एयरफील्ड सीजर और काउंटर टेररेजम का जिम्मा उठाने के लिए ट्रेन किया जाता है।

2004 में स्थापना
2001 में जम्मू-कश्मीर में एयर बेस पर आतंकियों के हमले के बाद वायु सेना को एक विशेष फोर्स की जरूरत महसूस हुई। इसके बाद 2004 में एयरफोर्स ने अपने एयर बेस की सुरक्षा के लिए गरुड़ कमांडों फोर्स की स्थापना की।