शुक्रवार को करेंगे माता लक्ष्मी की पूजा, होगी धनवर्षा

Edited by: Editor Updated: 14 Oct 2016 | 10:52 AM
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नई दिल्ली। हिन्दू धर्म में हर दिन किसी खास देवी-देवता को समर्पित है। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी के पूजन के लिए विशेष महत्व रखता है। शास्त्रानुसार शुक्रवार को माता लक्ष्मी की घर में परिवार के साथ मिलकर पूजा करने से आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है। विधि-विधान से पूजा करने से माता खुश होकर धन की वर्षा करती है।

धन अर्जित करने की कामना हर व्यक्ति के मन में होती है। कई बार पर्याप्त श्रम करने के बाद भी देवी लक्ष्मी की कृपा मनुष्य पर नहीं हो पाती। ऐसे में जरूरी है कि मनुष्य लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए शुक्रवार को महालक्ष्मी जी का पूजन करें। लक्ष्मी पूजन घर के पूजा स्थल या तिजोरी रखने वाले स्थान पर करनी चाहिए, व्यापारियों को अपनी तिजोरी के स्थान पर पूजन करना चाहिए।

उक्त स्थान को गंगा जल से पवित्र करके शुद्ध कर लेना चाहिए, द्वार व कक्ष में रंगोली को बनाना चाहिए, देवी लक्ष्मी को रंगोली अत्यंत प्रिय है। सांयकल में लक्ष्मी पूजन समय स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्रों को धारण करना चाहिए, विनियोग द्वारा पूजन क्रम आरंभ करें।

इस पूजन में रोली, मौली, लौंग, इलायची, पान, सुपारी, धूप, कर्पूर, अगरबत्ती, गुड़, धनिया, अक्षत, फल-फूल, जौं, गेंहू, दूर्वा, श्वेतार्क के फूल, चंदन, सिंदूर, दीपक, पान का पत्ता, चौकी, कलश, कमल गट्टे की माला, शंख, कुबेर यंत्र, श्री यंत्र, लक्ष्मी व गणेश जी का चित्र या प्रतिमा, आसन, थाली, चांदी का सिक्का, मिष्ठान इत्यादि वस्तुओं को पूजन समय रखना चाहिए। विधिवत रूप से श्री महालक्ष्मी का पूजन करने के बाद हाथ जोड़कर प्रार्थना करनी चाहिए।