Disable ADBlock and Click Here to Reload The Page

सपा ने झाँसी में घोषित किए उम्मीदवार, दीपमाला को झाँसी सदर, श्यामसुन्दर यादव को बबीना से टिकट

Edited By: Administrator
Updated On : 2016-06-18 15:02:08
सपा ने झाँसी में घोषित किए उम्मीदवार, दीपमाला को झाँसी सदर, श्यामसुन्दर यादव को बबीना से टिकट
सपा ने झाँसी में घोषित किए उम्मीदवार, दीपमाला को झाँसी सदर, श्यामसुन्दर यादव को बबीना से टिकट

झांसी. शनिवार, 18 जून 2016 (रिपोर्ट- राजेश सोनी). अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज़ हो गयी हैं। राजनैतिक पार्टियों ने कमर कस ली है। समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को 10 प्रत्याशियों के नामों का एलान किया है। जिसमे झाँसी सदर से दीपमाला कुशवाहा और बबीना विधानसभा से श्यामसुन्दर यादव को उम्मीदवार घोषित किया गया है।

दीपमाला कुशवाहा साल 2004 में छात्र राजनीति में आयीं और 2007 में सपा ज्वाइन कर सक्रिय राजनीति में आ गयीं। वहीँ श्यामसुन्दर यादव साल 1977 से ही सक्रिय राजनीति में हैं और चौधरी चरण सिंह की पार्टी जनता दल में मुलायम सिंह के साथ शामिल हुए और राजनीति सीखी।

श्यामसुन्दर यादव ने चार साल बाद दोबारा सपा में वापसी की। सपा आलाकमान ने शुक्रवार को उनको शामिल होते ही झाँसी की बबीना विधानसभा से उम्मीदवार घोषित किया है। आपको बता दें की बबीना विधानसभा से दीपमाला कुशवाहा टिकट के प्रयास में थीं लेकिन पार्टी के इस फैसले से पूरे कार्यकर्ताओं में चर्चा का विषय बना हुआ है। श्यामसुन्दर गुरुवार तक वह भाजपा में थे लेकिन शुक्रवार को शिवपाल सिंह यादव के सामने सपा में शामिल होते ही पार्टी आलाकमान ने उनको तोहफे में बबीना का प्रत्याशी बना दिया है।

सपा आलाकमान के इस फैसले से सभी पार्टियों में हलचलें तेज़ हो गईं हैं। झाँसी सदर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी ने अभी तक एक बार भी जीत हासिल नहीं की है जबकि झाँसी से सक्रिय राजनीति कई बड़े चेहरे हैं बावजूद इसके जीत हासिल नहीं हुई है। बबीना में सपा ने एक बार जीत हासिल की है। शायद इस उलटफेर की यही वजह मानी जा रही है।

बबीना विधानसभा से एक दर्जन सपाई के टिकट की दौड़ में शामिल थे। इनमें बबीना से पिछला विधानसभा चुनाव लड़ चुके राज्यसभा सदस्य डा. चंद्रपाल सिंह यादव के भतीजे सहित कई दावेदार थे जो क्षेत्र में पूरी तरह से सक्रिय भी थे लेकिन पार्टी द्वारा शुक्रवार को अचानक फैसले से सबके होश उड़ गए। सपा के इस फैसले से केवल सपाई ही नहीं, बल्कि भाजपाई भी सकते में हैं क्योंकि श्यामसुन्दर एक दिन पहले ही भाजपा के कार्यकर्ता मिलन कार्यक्रम में समर्थकों के साथ मौजूद थे। उनके अचानक सपा का दामन थामने की भाजपाइयों को खबर तक नहीं लगी।

श्यामसुंदर सिंह का राजनैतिक सफर
समाजवादी पार्टी के घोषित उम्मीदवार श्याम सुंदर यादव का जन्म 1 जनवरी 1957 को झाँसी पारीक्षा में हुआ था। उनका ग्रेजुशन की पढाई के बाद राजनीति मे प्रवेश हुआ। 1977 में चौधरी चरण सिंह की पार्टी जनता दल मे मुलायम सिंह यादव के साथ शामिल हुए और वहीं से राजनीति सीखी। 1993 मे मुलायम सिंह ने अपनी अलग पार्टी का गठन किया जिसका नाम समाजवादी पार्टी रखा। श्यामसुन्दर ने मुलायम सिंह का हाँथ नहीं छोड़ा। श्यामसुन्दर पार्टी सेवा मे ऐसे जुटे की 1998 से 2010 तक यानि 12 साल विधान परिषद सदस्य रहे। 2011 में समाजवादी पार्टी से अलविदा कह भाजपा का दामन थाम लिया। 2012 मे बबीना विधान सभा से चुनाव लड़ा जिसमें मात्र 44726 वोट पाकर तीसरे पायदान पर रहे। चार साल बीजेपी में रहने के बाद दोबारा सपा में वापसी हुई और बबीना से प्रत्याशी घोषित किये गए।

दीपमाला कुशवाहा का राजनैतिक सफर
समाजवादी पार्टी की घोषित प्रत्याशी दीपमाला कुशवाहा के राजनैतिक जीवन मे खूब रही उथल पुथल। दीपमाला का जन्म 4 अगस्त 1980 को इटकवा में हुआ था लेकिन परवरिश झाँसी में हुई है। परास्नातक दीपमाला ने 2004 में छात्र जीवन से राजनीति की शुरुआत की। उन्होंने अपने कुशवाहा समाज की लडाई के लिए आगे बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। आंदोलन, अनशन करते हुए कुशवाहा महासभा की सचिव बनीं। 2007 में मेरठ मे हुए समाजवादी पार्टी के सम्मलेन मे पार्टी के दिग्गज नेता शिवपाल यादव से सदस्यता ग्रहण की और 2009 में लोकसभा का चुनाव निर्दलीय लड़ा और झाँसी मे पांचवां स्थान प्राप्त कर 34 हजार 20 वोट प्राप्त किये। उनको सभी निर्दलीय प्रत्याशियों में सबसे ज्यादा वोट मिले। जब बसपा सत्ता में थी तब सपा की ओर से चलाए आंदोलन के दौरान दीपमाला चर्चा में आईं थीं। उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय पर कब्जा कर लिया था। इस मामले में वह जेल भी गईं थीं। सपा ने दीपमाला कुशवाहा को सपा महिला सभा कार्यकारणी का सदस्य बना दिया। समाजवादी पार्टी की सरकार बनी तो दीपमाला का कद और बढ़ गया उनको समाजवादी पार्टी का प्रदेश सचिव (मुख्य) नियुक्त कर दिया गया।

 


बुंदेलखंड पर शीर्ष समाचार


x