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JNU विवाद खत्म: 24 घंटे बाद दफ्तर से बाहर निकलें वाइस चांसलर

Edited By: Editor
Updated On : 2016-10-20 06:07:59
JNU विवाद खत्म: 24 घंटे बाद दफ्तर से बाहर निकलें वाइस चांसलर
JNU विवाद खत्म: 24 घंटे बाद दफ्तर से बाहर निकलें वाइस चांसलर

नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) का बंधक संकट खत्म हो गया है। 24 घंटे बाद जेएनयू के वाइस चांसलर जगदीश कुमार समेत दूसरे प्रशासनिक अधिकारी अपने दफ्तर से निकल आए हैं। बुधवार से वीसी का घेराव कर रहे छात्रों ने उन्हें दफ्तर से निकलने का मौका दे दिया था।

गौरतलब है कि मो. नजीब नामक एक छात्र के लापता होने के बाद से जेएनयू में छात्र हंगामा कर रहे थे। वीसी समेत दूसरे प्रशासनिक अधिकारियों के बंधक के सवाल पर हालांकि छात्रों का दावा है कि उन्होंने किसी को बंधक नहीं बनाया था।

इस बीच लापता छात्र को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को दिल्ली के पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। जानकारी के मुताबिक राजनाथ ने दिल्ली पुलिस के आयुक्त आलोक कुमार वर्मा इस मामले में संपूर्ण रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।

बता दें कि इससे पहले, वीसी एम. जगदीश कुमार ने आरोप लगाया था कि उनको और उनके सहकर्मियों को बंधक बना कर रखा गया है। उन्हें डायबटीज की बीमारी है लेकिन, इसके बावजूद उन्हें जाने नहीं दिया गया।

वहीं, इस मामले पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अकबर चौधरी का कहना है कि छात्र वहां पर सिर्फ अपनी मांग लेकर बैठे हुए हैं। उन्होंने सभी से अनुरोध किया है कि कोई भी यहां से जा सकता है।

उन्होंने दावा किया है कि जेएनयू प्रशासन ने छात्र के लापता होने के मामले में लापरवाही की है और अब अपने बचाव में ‘बंधक’ बनने की बातें कह रहे हैं। जबकि किसी भी छात्र ने प्रशासनिक अधिकारियों को बंधक नहीं बनाया है।

बता दें कि केंद्रीय गृहराज्य मंत्री किरन रिजिजू ने जेएनयू के वीसी और दूसरे अधिकारियों को बंधक बनाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के कुछ छात्र सिर्फ राजनीति कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जेएनयू का माहौल खराब किया जा रहा है, पुलिस कानून के हिसाब से ही काम करेगी। मालूम हो, लापता छात्र को लेकर विश्वविद्यालय में 5 दिनों से तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। 


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