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सरकारी अस्पताल में इलाज के अभाव में जच्चा-बच्चा की मौत

Edited By: Editor
Updated On : 2016-11-06 15:26:05
सरकारी अस्पताल में इलाज के अभाव में जच्चा-बच्चा की मौत
सरकारी अस्पताल में इलाज के अभाव में जच्चा-बच्चा की मौत

बांदा। सरकारी महिला अस्पताल में गर्भवती मां और उसके नवजात बच्चे को सिर्फ इसलिए मौत के मुंह में धकेल दिया गया क्योंकि गरीब मजदूर परिवार समय पर डॉक्टरों द्वारा मांगी गई रकम की व्यवस्था नही कर पाया।

बता दें कि डाक्टरों ने महिला के पति से इलाज के नाम पर 5 हजार रुपये की मांग की थी। गर्भवती महिला की सास ने जैसे तैसे अपने जेवर बेच रकम की व्यवस्था करके दी, लेकिन देरी से इलाज शुरू होने के कारण जच्चा बच्चा दोनों की मौत हो गयी।

जिसके बदहवास गरीब परिवार स्ट्रेचर पर दोनों शवों को लेकर पैदल ही एक किमी दूर कलेक्ट्रेट जा पहुंचा, डिप्टी कलेक्टर ने पीडितों से मिल जांच की बात कही है। लेकिन महिला अस्पताल की CMS डॉ. ऊषा ने पीड़ित परिवार से सहानुभूति जताने की बजाय उन्हें 'गुंडा' करार दिया है।


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