दूसरों की मदद करने में आगे हैं भारतीय: रिपोर्ट

Edited by: Editor Updated: 27 Oct 2016 | 10:00 AM
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नई दिल्ली। किसी भी अपने की मदद करने की बात हो तो भारतीय पीछे नहीं हटते है, लेकिन अगर बात अजबनियों की हो तो भी भारतीयों के मदद के हाथ सबसे आगे रहते हैं। 

हाल ही में भारतीय नागरिकों पर किए गए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि भारतीय अपनों के अलावा अजनबियों की मदद के लिए भी आगे रहते हैं।

एक निजी संस्थान द्वारा 140 देशों में कराए गए इस अध्ययन में और भी कई रोचक बातें सामने आई हैं। संस्थान कि रिपोर्ट के मुताबिक भारत में साल 2015 में 401 मिलियन लोगों ने अजनबियों की मदद की। यह संख्या एक साल पहले 335 मिलियन थी। इसी तरह साल 2015 में 200 मिलियन लोगों ने अजनबियों की 

इस अध्ययन में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है कि 140 देशों के आधे से अधिक लोगों ने कहा कि वह अजनबियों की मदद करते हैं। बड़ी संख्या में लोग अपना समय मदद में लगाते हैं। धन से मदद करने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। परोपकार के सारे मानकों पर अध्ययन रिपोर्ट में कहा गया कि 70 प्रतिशत के म्यांमार के लोग सबसे ऊपर है।

इस अध्ययन के बारे में बात करते हुए सीएएफ की भारतीय प्रमुख मीनाक्षी बत्रा का कहना है कि बात चाहे तमिलनाडु में बाढ़ की हो या फिर नेपाल भूकंप की, भारत के लोगों ने हर तरह से मदद के लिए अपने हाथ आगे बढ़ाए। उन्होंने यह भी कहा, ‘अपने लोगों को कष्ट में देख भारतीय मदद के लिए तुरंत आगे आता है।’