17 अक्टूबर से शुरू हो रहा है कार्तिक मास

Author: Hindi Khabar
Updated On : 2016-10-17 09:44:47
17 अक्टूबर से शुरू हो रहा है कार्तिक मास

नई दिल्ली। 17 अक्टूबर से कार्तिक मास शुरू हो रहा है। कार्तिक महीने को व्रत तप के लिए सबसे खास माना जाता है। इस बार कार्तिक का महीना सोमवार से शुरू होकर 14 नवंबर का होगा, यह समय विशेष कामों के लिए बेहद शुभ है।

शास्‍त्रों के अनुसार भगवान नारायण ने ब्रह्मा को, ब्रह्मा ने नारद को और नारद ने महाराज पृथु को कार्तिक मास के सर्वगुण संपन्न माहात्मय के संदर्भ में बताया है। कार्तिक मास में 7 नियम प्रधान माने गए हैं, जिन्हें करने से शुभ फल मिलते हैं और हर मनोकामना पूरी होती है।

1. धर्म शास्त्रों के अनुसार, कार्तिक मास में सबसे प्रमुख काम दीपदान करना बताया गया है। इस महीने में नदी, पोखर, तालाब आदि में दीपदान करने से पुण्य मिलता है।

2. इस महीने में तुलसी पूजन करने और सेवन करने का विशेष महत्व बताया गया है। वैसे तो हर मास में तुलसी का सेवन व आराधना करना श्रेयस्कर होता है, लेकिन कार्तिक में तुलसी पूजा का महत्व कई गुना माना गया है।

3.भूमि पर सोना कार्तिक मास का तीसरा प्रमुख काम माना गया है। भूमि पर सोने से मन में सात्विकता का भाव आता है, साथ ही शरीर में अन्य तरह के विकार खत्म हो जाते हैं।

4.कार्तिक महीने में केवल एक बार नरक चतुर्दशी (कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी) के दिन ही शरीर पर तेल लगाना चाहिए। कार्तिक मास में अन्य दिनों में तेल लगाना वर्जित माना जाता है।

5. कार्तिक महीने में द्विदलन अर्थात उड़द, मूंग, मसूर, चना, मटर, राई आदि नहीं खाना चाहिए।

6. कार्तिक मास में ब्रह्मचर्य का पालन अति आवश्यक बताया गया है। इसका पालन नहीं करने पर पति-पत्नी को दोष लगता है और इसके अशुभ फल भी प्राप्त होते हैं।


हिंदू धर्म के अनुसार कार्तिक मास में पूजा व तप करने से मनुष्य को पापों के छुटकारा मिलता है। इस दिनों ईश्वर की अनुकंपा प्राप्त होती है। शास्त्रानुसार इन मास में जो मनुष्य व्रत रखता है उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।


धर्मयात्रा पर शीर्ष समाचार