अब सभी बेटियों को मिलेगा मिलिट्री स्कूल में प्रवेश, राजस्थान हाईकोर्ट ने खोले दरवाजे

Author: Hindi Khabar
Updated On : 2016-10-27 17:41:13
अब सभी बेटियों को मिलेगा मिलिट्री स्कूल में प्रवेश, राजस्थान हाईकोर्ट ने खोले दरवाजे

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार को देश के सैनिक और मिलिट्री स्कूलों में लड़कियों के दाखिले के लिए नीतिगत निर्णय लेने का निर्दश दिया है।

न्यायमूर्ति केएस झावेरी और न्यायमूर्ति महेंद्र माहेश्वरी की खंडपीठ ने माही यादव द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने यह निर्देश दिए हैं।

कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्कूल में दाखिले के लिए अधिकारियों को अब लड़कियों के आवेदनों को भी स्वीकार करना होगा।

बता दें कि हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका में दाखिले के इनकार को चुनौती दी गई थी कि यह केवल भेदभाव ही नहीं बल्कि राइट टू एजुकेशन एक्ट (आरटीई) का उल्लंघन है। 

गौरतलब है कि कोर्ट इस मामले में पहले मानव संसाधन विकास के केंद्रीय मंत्रालयों, डिफेंस और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को नोटिस भेज चुका है।

कोर्ट में रक्षा मंत्रालय की ओर से उपस्थित एडिशनल सॉलिसिटर जनरल आरडी रस्तोगी कोर्ट में तर्क देते हुए कहा कि सैनिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को नेशनल डिफेंस एकेडमी में प्रवेश के लिए चयन में प्राथमिकता दी जाती थी।

उन्होंने कहा कि जो एनडीए से ग्रेजुएट होते थे, तो उन्हें कॉम्बेट ऑपरेशंस के लिए तैनात किया जाता था। हालांकि महिलाओं को आर्मी के कुछ शाखाओं जैसे आर्मी मेडिकल कॉप्स, जज एडवोकेट जनरल और सिगनल्स में शॉर्ट सर्विस कमिशन दिया जाता है। उन्हें पैदल सेना की तरह कॉम्बेट में नहीं चुना जाता। इसलिए लड़कियों को मिलिट्री स्कूलों में प्रवेश नहीं दिया जाता है।


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