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ट्रंप इफेक्टः आईटी जॉब में अब भारतीयों को कम मिलेगा मौका

Edited By: Editor
Updated On : 2016-11-28 14:37:25
ट्रंप इफेक्टः आईटी जॉब में अब भारतीयों को कम मिलेगा मौका
ट्रंप इफेक्टः आईटी जॉब में अब भारतीयों को कम मिलेगा मौका

बेंगलुरु। अमेरिका के नए राष्ट्रपति चुने गए डोनाल्ड ट्रंप की ओर से वीजा के मामले में संरक्षणवादी नीति अपनाए जाने की आशंका के चलते भारतीय आईटी कंपनियां स्थानीय अमेरिकियों की बड़े पैमाने पर नियुक्ति शुरू करने वाली हैं। अमेरिका में भारतीय आईटी कंपनियों का कारोबार 150 अरब अमेरिकी डॉलर यानी करीब 10 लाख 28 हजार करोड़ रुपये का है।

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मीडिया के मुताबिक दिग्गज भारतीय आईटी फर्म्स अमेरिका में अपना अधिग्रहण और कॉलेजों से नए कर्मचारियों की भर्ती में इजाफा करेंगी। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इन्फोसिस और विप्रो जैसी कंपनियां अमेरिका में एच1-बी वीजा के जरिए बड़े पैमाने पर भारत से कर्मचारियों को ले जाती रही हैं।

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गौरतलब है कि अमेरिकियों के मुकाबले अपेक्षाकृत कम वेतन के चलते कंपनियां भारतीय कम्प्यूर इंजीनियरों को तवज्जो देती रही हैं। 2005 से 14 के दौरान इन तीन कंपनियों में एच1-बी वीजा पर काम करने वाले कर्मचारियों का आंकड़ा 86,000 से अधिक था।

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फिलहाल अमेरिका हर साल इतने लोगों को एच1-बी वीजा देता है। नए चुने गए राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप अपने चुनाव प्रचार के दौरान कई बार अमेरिकी वीजा नीति को कड़ा किए जाने की वकालत कर चुके हैं। इसके अलावा उनकी ओर से अटॉर्मी जनरल के पद के लिए चुने गए जेफ सेशन्स भी अमेरिकी वीजा नीति को और सख्त किए जाने के हिमायती हैं।


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