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यूपी के नए नाथ योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक सफ़र

Edited By: Ankur Maurya
Updated On : 2017-03-18 18:30:54
 यूपी के नए नाथ योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक सफ़र
यूपी के नए नाथ योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक सफ़र

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनना लगभग तय है और अब सिर्फ औपचारिक ऐलान ही बाकी। योगी आदित्यनाथ की छवि एक कट्टर हिन्दूवादी नेता के रुप में होती है। तो जानिए जानते हैं कि उत्तराखंड के एक छोटे से गांव में पैदा हुए एक साधारण से इंसान कैसे बन गए इतने बड़े योगी।

अजय से योगी और यूपी के नाथ बनने की कहानी:

योगी आदित्यनाथ का असली नाम अजय सिंह है। उनका जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड में हुआ था, उन्होंने गढ़वाल विश्विद्यालय से गणित में बीएससी किया है। वो गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर के महंत हैं। आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर के पूर्व महंत अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी हैं। योगी हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक भी हैं, जो कि हिन्दू युवाओं का सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी समूह है।

महंत अवैद्यनाथ ने वर्ष 1998 में राजनीति से संन्यास लिया और योगी आदित्यनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया। यहीं से योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक पारी शुरू हुई। वर्ष 1998 में गोरखपुर से 12वीं लोकसभा का चुनाव जीतकर योगी आदित्यनाथ संसद पहुंचे तो वह सबसे कम उम्र के सांसद थे, वो 26 साल की उम्र में पहली बार सांसद बने। वर्ष 1998 से लगातार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। योगी यूपी बीजेपी के बड़े चेहरे माने जाते है। वर्ष 2014 में पांचवी बार योगी सांसद बने।

राजनीति के मैदान में आते ही योगी आदित्यनाथ ने सियासत की दूसरी डगर भी पकड़ ली, उन्होंने हिंदू युवा वाहिनी का गठन किया और धर्म परिवर्तन के खिलाफ मुहिम छेड़ दी। कट्टर हिंदुत्व की राह पर चलते हुए उन्होंने कई बार विवादित बयान दिए। योगी भले ही विवादों में बने रहे, लेकिन उनकी ताकत लगातार बढ़ती गई। वर्ष 2007 में गोरखपुर में दंगे हुए तो योगी आदित्यनाथ को मुख्य आरोपी बनाया गया, गिरफ्तारी हुई और इस पर कोहराम भी मचा। योगी के खिलाफ कई अपराधिक मुकदमे भी दर्ज हुए।

हालांकि अब तक योगी आदित्यनाथ की हैसियत ऐसी हो गई कि जहां वो खड़े होते, सभा शुरू हो जाती, वो जो बोल देते हैं, उनके समर्थकों के लिए कानून बन जाता है। यही नहीं, होली और दीपावली जैसे त्योहार कब मनाया जाए, इसके लिए भी योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर से ऐलान करते हैं, इसलिए गोरखपुर में हिंदुओं के त्योहार एक दिन बाद मनाए जाते हैं। गोरखपुर और आस-पास के इलाके में योगी आदित्यनाथ और उनकी हिंदू युवा वाहिनी की तूती बोलती है और बीजेपी में भी उनकी जबर्दस्त धाक माना जाता है।

7 सितंबर, 2008 को सांसद योगी आदित्यनाथ पर आजमगढ़ में जानलेवा हिंसक हमला हुआ था। इस हमले में योगी बाल-बाल बचे थे। कहा जाता है कि योगी आदित्यनाथ पर यह हमला इतना बड़ा था कि 100 से अधिक वाहनों को हमलावरों ने घेर लिया और लोगों को लहुलुहान कर दिया था।

 


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