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धनतेरस पर दीपदान करने से नहीं होती है अकाल मृत्यु

Edited By: Editor
Updated On : 2016-10-27 21:58:08
धनतेरस पर दीपदान करने से नहीं होती है अकाल मृत्यु
धनतेरस पर दीपदान करने से नहीं होती है अकाल मृत्यु

नोएडा। दिवाली से दो दिन पहले मनाए जाने वाले त्योहार को धनतेरस कहा जाता है। धनतेरस के दिन पीतल, सोना, चांदी आदि खरीदना शुभ माना जाता है। शुक्रवार को पूरे भारत में धनतेरस का त्योहार मनाया जा रहा है। इसलिए हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो धनतेरस के दिन करना शुभ माना जाता है।

धनतेरस पर सबसे पहले घर के प्रमुख द्वार की देहरी पर कोई भी अन्न (साबूत गेहूं या चावल आदि) की ढेरी बनाकर/बिछाकर रखें, फिर उस पर एक अखंड दीपक रखें। मान्यता है कि इस प्रकार दीपदान करने से यम देवता के पाश और नरक से मुक्ति मिलती है। यदि आप पूरा उपक्रम ना कर करें तो इनमें से कोई एक अवश्य करें।

यमराज पूजन के 3 तरीके

घर के मुख्य द्वार पर यम के लिए आटे का दीपक बनाकर अनाज की ढेरी पर रखें।

रात को दक्षिण दिशा में घर की स्त्रियां बड़े दीपक में तेल डालकर चार बत्तियां जलाएं।

एक दीपक घर के मंदिर में जलाकर जल, रोली, चावल, गुड़, फूल, नैवेद्य आदि सहित यम का पूजन करें।

यमराज का मंत्र...

'मृत्युना दंडपाशाभ्याम्‌ कालेन श्यामया सह।

त्रयोदश्यां दीपदानात्‌ सूर्यजः प्रयतां मम।

समस्त धन सम्पदा के स्वामी कुबेर के लिए भी धनतेरस पर सायंकाल 13 दीप समर्पित किए जाते हैं। कुबेर धन सम्पदा की दिशा उत्तर के लोकपाल हैं। ये भूगर्भ के भी स्वामी हैं

कुबेर की पूजा से मनुष्य की आंतरिक ऊर्जा और ज्ञान जागृत होता है और धन अर्जन का मार्ग सुलभ होता है। निम्न मंत्र द्वारा चंदन, धूप, दीप, नैवेद्य से पूजन करें-

कुबेर मंत्र :

‘यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन-धान्य अधिपतये

धन-धान्य समृद्धि में देहि दापय स्वाहा।’


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