प्रदूषण मामले में केजरीवाल को फटकार, 8 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

Edited by: Editor Updated: 04 Nov 2016 | 02:29 PM
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नई दिल्ली। दिवाली के बाद से दिल्‍ली-एनसीआर का दम फूलने लगा है। लगातार बढ़ते स्मॉग ने लोगों की सेहत की चिंता बढ़ा दी है। इस पर नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल यानि एनजीटी ने ‌भी दिल्ली सरकार को फटकार लगाई है।

एनजीटी के आदेश के तहत सरकार को शुक्रवार को स्टेटस रिपोर्ट पेश करनी थी। सरकार की ओर से दलील दी गई है कि इसके लिए एजेंडा तैयार किया जा रहा है। अभी ये ड्राफ्ट स्टेज पर है। लिहाजा तारीख बढ़ा दी गई है, अब इस मामले में अगली सुनवाई 8 नवंबर को होगी।

गौरतलब है कि एनजीटी ने इस मामले में चार राज्यों के पर्यावरण सचिवों को नोटिस भी भेजा है। इनमें दिल्ली, हरियाणा, राजस्‍थान, पंजाब शामिल है। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ एनजीटी ने सख्त रवैया अपनाया है। एनजीटी का कहना है कि सिर्फ फसल जलाने से प्रदूषण नहीं हो रहा है।

इसके लिए डीजल वाहन भी जिम्मेदार हैं। एनजीटी ने दिल्ली सरकार को प्रदूषण रोकने के लिए कड़े कदम उठाने के साथ 10 साल पुराने डीजल वाहन भी बंद करने के आदेश दिए हैं।

गत दिनों एनजीटी द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा प्रदूषण का आंकड़ा दिल्ली में पाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में अभी हवा का प्रदूषण 6 गुना ज्यादा है।

दिल्ली में सांस लेने वाले लोगों के भीतर रोज करीब 40 सिगरेट धुआं जा रहा है। जिससे उन्हें सांस लेने में तकलीफ, थकान, आंखों में जलन, त्वचा पर रैशेज आदि की समस्या आ रही है।

बता दें कि एनजीटी एक वैज्ञानिक की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के तहत यह फैसला लिया है। इसके अलावा अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने ये दो तस्वीरें जारी की हैं। इन तस्वीरों में भारत के चिन्हित राज्यों में जगह-जगह बड़े पैमाने पर लगाई आग अब भी जल रही है।