पुतिन के भारत दौरे पर S-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली पर होगा करार

Edited by: Editor Updated: 14 Oct 2016 | 09:01 AM
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नई दिल्ली। भारत और रूस एक बार फिर रक्षा क्षेत्र में सहयोग कर एक नई ऊंचाइयों पर रिश्तों को ले जाने की तैयारियां कर रहे हैं। लंबे समय के बाद दोनों देशों के बीच 200 हल्के हेलीकॉप्टरों की खरीद समेत कई अहम समझौतों पर बातचीत का दौर अंतिम चरण में है।

इस डील के अलावा दोनों देशों के बीच एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली को लेकर बातचीत चल रही है।रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिम इस सप्ताह भारत दौरे पर आने वाले है, ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि इन समझौतों को लेकर दोनों देशों के बीच इस दौरान बातचीत हो सकती है।

भारत और रूस के बीच अतिरिक्त न्यूक्लियर रिएक्टर्स, पांचवीं जेनरेशन के फाइटर एयरक्राफ्ट, मिलिटरी हेलिकॉप्टर्स, अडवांस्ड मिसाइल, एयर डिफेंस सिस्टम और हाइड्रो-कार्बन सेक्टर सहित 30 अहम समझौते होंगे।इन समझौतों में 1 अरब डॉलर का रक्षा सौदा भी शामिल है।

हाल के वर्षों में यह पहला मौका होगा कि जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन लंबे समय तक भारत में रुकेंगे। पुतिन और उनके मेजबान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए एक संयुक्त बयान जारी करेंगे।

इसके अलावा एक अन्य दस्तावेज में साल 2017 में दोनों देशों के बीच राजनायिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किए जाने वाले बहुत से कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी।

रूस का कहना है कि वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान के साथ न्यूनतम जुड़ाव रखना चाहता है। मोदी पाकिस्तान के चेरात में दोनों देशों के बीच हुए संयुक्त सैन्य अभ्यास पर पुतिन को अपनी चिंता से अवगत कराएंगे, क्योंकि पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद को दिए जा रहे समर्थन को लेकर भारत दुनिया के बड़े देशों को जागरूक करना चाहता है।