लगातार सेक्स से मना करना भी है तलाक का आधारः HC

Edited by: Editor Updated: 12 Oct 2016 | 07:20 PM
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नई दिल्ली। पति को लंबे वक्त से सेक्स के लिए इनकार करना और इसका कोई मुनासिब वजह नहीं बताना मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है और इसे तलाक का आधार माना जा सकता है। यह फैसला दिल्ली हाई कोर्ट ने पत्नी से तलाक चाह रहे एक पति की याचिका पर सुनाया है।

याचिकाकर्ता ने शिकायत की थी कि उसकी पत्नी पिछले साढ़े चार साल से उससे शारीरिक संबंध नहीं बनाकर मानसिक यातना दे रही है, जबकि उसकी पत्नी किसी शारीरिक अपंगता की शिकार भी नहीं है। हाईकोर्ट ने पति के पक्ष में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस बात को गौर किया कि निचली अदालत में पत्नी ने आरोपों का खंडन नहीं किया था।

हाईकोर्ट की बेंच ने कहा, 'चल रही चर्चा के मद्देनजर हम समझते हैं कि पति ने यह साबित कर दिया है कि उसके साथ मानसिक क्रूरता हुई। एक ही छत के नीचे रहने के बावजूद भी पत्नी ने बिना कोई कारण बताए लंबे समय तक पति को सेक्स से इनकार किया, जबकि वह किसी भी प्रकार की शारीरिक अक्षमता की शिकार नहीं थी।'

पति ने मार्च में निचली अदालत द्वारा दिए गए फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। निचली अदालत ने कहा था कि पति ने जिन वजहों को बताया है उन्हें हिंदू मैरिज ऐक्ट 1955 के तहत क्रूरता की श्रेणी में नहीं गिना जा सकता। वहीं हाई कोर्ट ने गौर किया कि पत्नी शुरुआत में तो निचली अदालत में हाजिर होती थी, लेकिन बाद में उसने अदालत में हाजिर होना बंद कर दिया। इसके लिए उसे नोटिस भी जारी किया गया था।